वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद

CSIR

प्रौद्योगिकी सीएसआईआर - 800



पानी में से आर्सेनिक और फ्लोराइड दूर करके शुद्ध पेयजल हेतु विशेष पोलीमरिक आयन एक्सचेंज आधारित घरेलू युनिटों की स्थापना।



उपयोग:

देश के कई स्थलों पर प्राप्त पेयजल आर्सेनिक एवम्‌ फ्लोराइडयुङ्कत है जो विशेष रुप से जहरीला तथा मानव स्वास्थ्य के लिये हानीकारक है। CSMCRI ने पेयजल में से विशेष रुप से आर्सेनिक तथा फ्लोराइड दूर करने में उपयोगी विशेष पोलीमरीक आयन एक्सचेंजर्स विकसित किये हैं।


प्रौद्योगिकी/उत्पाद का संक्षिप्त एवं विशेष विवरण


विभिन्न प्रकार के मोनोमर्स के बहुलीकरण द्बारा विशिष्ट प्रकार के आयन एक्सचेन्ज रेजीन्स बनाये जाते हैं। इसके लिये पोलीमर्स के उपर संकीर्ण क्षार बनाने में सक्षम क्रियाशील समूहों को प्रस्थापित किया जाता है। तत्‌पश्चात क्रियाशील समूहों को क्रियात्मक रुप में परिवर्तित किया जाता हैं जो पानी में स्थित अन्य क्षारों के बावजूद भी पानी को सिर्फ आर्सेनिक या फ्लोराइड से मुक्त करता है।
इस विशिष्ट पोलीमरिक आयन एक्सचेंजर्स का टिकाउपन उत्कृष्ट है और ये संतृप्त हो जाने पर पुनः क्रियाशील बनाकर इनका बारबार उपयोग किया जा सकता है। यह प्रक्रिया किफायती है और इसके द्बारा 10 रु प्रति 1000 लीटर के मूल्य पर आर्सेनिक मुक्त जल तथा 6 रु / प्रति 1000 लीटर फ्लोराइड मुक्त जल उत्पादित किया जा सकता है। इस प्रक्रिया के लिये किसी भी प्रकार के बुनियादी ढांचे की आवश्यकता नहीं होती तथा घरेलू युनिट घर में कहीं भी स्थापित की जा सकती है। बडे पैमाने पर ज्यादा लोगो के उपयोग हेतु सामुदायिक यूनिट लगाया जा सकता है।
नवीनतम अन्वेषण जो अन्य से विशिष्ट है ।
यह विशेष पोलीमरिक आयन एक्सचेंजर्स WHO द्बारा मान्य मानकों के स्तर पर पेयजल में से आर्सेनिक/फ्लोराइड दूर करने में सक्षम है। विशेष रुप से आर्सेनिक के दोनों प्रकार As(III) एवं As(V) <10 ppb तक दूर करने में सक्षम हैं और पानी की गुणवत्ता को प्रभावित किये बिना विस्तृत pH रेन्ज पर कार्य कर सकते हैं।


उपयोग में आनेवाले मुख्य कच्चे पदार्थ एवं स्रोत :


विभिन्न प्रकार के व्यापारिक रुप से उपलब्ध मोनोमर्स मिथाइल मिथाएक्रेलेट, मिथाएक्रेलिक एसिड, इथीलीनग्लायकॉल डाइमिथाइएक्रेलेट, डाइविनाइल बेन्जीन, एलीफेटीक एमाइन्स, फोरमाल्डीहाइड, फोस्फोरस एसीड, एल्युमिनियम सल्फेट, फेरीक ङ्कलोराइड, हाइड्रोक्लोरीक एसीड तथा कोस्टीक आल्कली इत्यादि ।
बुनियादी ढांचे एवम्‌ कार्मिकों की आवश्यकता (प्रतिदिन 100 लीटर रेजिन बनाने के लिये)

बुनियादी ढांचा :

5000-8000 स्के. फीट का फेक्ट्ररी शेड, ग्लास लाइन्ड रिएक्टर्स, फिल्ट्रेशन यूनिट, उष्मीय एवं शीतल सुविधाएं, रसायणों के भंडारण हेतु शीतल कक्ष
कार्मिक  1 केमिकल एन्जीनियर, 2 केमिस्ट, 8 केज्युल वर्कर्स, 3 लिपिक, 2 सेल्समेन


प्रौद्योगिकी की वर्तमान स्थिति :


आर्सेनिक/फ्लोराइड दूर करने के लिये विशेष पोलीमरिक आयन एक्सचेंर्जस 20 लीटर के फलास्क में सफलतापूर्वक बनाये गये और आर्सेनिक तथा फ्लोराइड दूर करने के लिये समस्याग्रस्त क्षेत्र में घरेलू युनिट के रुप में इनका सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। हमने व्यापारिक स्तर पर उपलब्ध कोपोलीमर्स का भी क्रियाशील समूह द्बारा क्रियात्मक रुपांतरण करने के प्रयास किये जो संस्थान में बनाये गये पोलीमर्स का स्थान ले सकते हैं। पश्चिम बंगाल के 24 परगना के आर्सेनिकग्रस्त क्षेत्र में 65 आर्सेनिकविहिनीकरण घरेलू युनिट स्थापित किये गये हैं। गुजरात के फ्लोराइडग्रस्त क्षेत्र में 8 फ्लोराइडविहिनीकरण यूनिट स्थापित किये गये हैं।
न्यूनतम किफायती यूनिट का आकार, माप एवं कीमत
प्रतिदिन 100 लीटर रेजिन बनाने की न्यूनतम किफायती यूनिट के माप एवं कीमत रु 90 लाख से 1 करोड होगी। 6 लीटर आयन पोलीमरिक विशेष एक्सचेंजर्स युक्त एक घरेलू यूनिट (ऊचाई 72 से.मी., व्यास 11 से.मी.) जो प्रतिघण्टा 25 लीटर आर्सेनिक/फ्लोराइड मुक्त जल उत्पादित करने में सक्षम है उसकी कीमत लगभग 10,000 रु होती है।

कुल लागत :

लगभग रु 90 लाख से रु 1 करोड तक 

प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्रक्रिया :

CSIR/CSMCRI के नियमानुसार

उत्पाद की स्वीकार्यता :

इस उत्पाद का प्रयोगशाला में तथा आर्सेनिक/फ्लोराइड ग्रस्त गाँवो में परीक्षण किया गया तथा उत्पादित जल को WHO के मानकों अनुसार पाया गया। उक्त जल पीने के लिये योग्य है। विशेष आयन एक्सचेंजर्स युकत यूनिट का उपयोग सरल है और कोई भी व्यक्ति इसका उपयोग कर सकता है।

विक्रेयता :

भारत के कई क्षेत्रो के पेयजल में अधिक आर्सेनिक/फ्लोराइड की समस्या है। अतः इस उत्पाद के विक्रय के लिये अच्छी संभावनाएं हैं।
क्या इस प्रौद्योगिकी के लिये विशेष स्थल की आवश्यकता है ? यदि हाँ तो विवरण दीजिए।
विशेष पोलीमरिक आयन एक्सचेंजर्स बनाने के लिये किसी खास स्थल की आवश्यकता नहीं है लेकिन घरेलू एवम्‌ सामुदायिक स्तर पर उपयोग के लिये उपयुक्त स्थल चाहिए क्युंकि इनका उपयोग जहाँ पेयजल में अधिक मात्रा में आर्सेनिक/फ्लोराइड हो वहीं पर किया जा सकता है।

लाभार्थी :

क्षेत्र जहाँ के पेयजल में अधिक मात्रा में आर्सेनिक/फ्लोराइड पाया गया हो ।

अन्य जानकारी :

पश्चिम बंगाल के 24 परगना के आर्सेनिकग्रस्त क्षेत्र में 65 आर्सेनिकविहिनीकरण घरेलू यूनिट तथा गुजरात के फ्लोराइडग्रस्त क्षेत्र में 8 फ्लोराइडविहिनीकरण घरेलू यूनिट स्थापित किये गये हैं। जो अभी तक कार्यरत है।


संपर्क :


डॉ के एम पोपट,
वैज्ञानिक,
सीएसएमसीआरआई, जी बी मार्ग, भावनगर  364021 (गुजरात) ।
ईमेल : kmpopat@csmcri.org