वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद

CSIR

प्रतिवर्ती रसाकर्षण अभियांत्रिकी

अपक्षारीकरण तथा पानी के शुद्धिकरण के लिये सीएसएमसीआरआई की मेम्ब्रेन प्रौद्योंगिकियाँ

मानव अस्तित्व के लिये जल अत्यंत महत्वपूर्ण स्त्रोंतों में से एक हैं चाहे वह मानव उपयोग खेती या उद्योगों के लिये हो। वर्तमान सदी में उपलब्ध स्थायी जल स्त्रोतों में हुई कमी के कारण पीने योग्य पानी की प्राप्ति  सुनिश्चित करना बहुत बडी चुनौती है। देश के कई भागों में प्राप्त पानी उच्च क्षारीयतायुक्त अथवा नुकशानकारक संक्रामकोयुक्त है। इस चुनौती का निवारण करने के लिये नमकीन जल तथा समुद्रीजल का अपक्षारीकरण (विलवणीकरण) तथा जल शुद्धिकरण मुख्य आवश्यकता हैं।

पीने योग्य पानी के उत्पादन हेतु प्रतिवर्ती रसाकर्षण (आरओ) सूक्ष्मनिस्यंदन (एनएफ) तथा अतिसूक्ष्म निस्यंदन (युएफ) जैसी मेम्ब्रेन विलगन प्रक्रियाओं का एक प्रभावी निराकरण के रुप में आर्विभाव हुआ है। CSMCRI ने नमकीन जल तथा समुद्री जल के अपक्षारीकरण तथा अशुद्धिकरण अर्थात्‌ पानी में स्थित पेथागोन्स, सख्ताई, आर्सेनिक, फ्लोराइड जैसे नुकशानकारक संक्रामकों को दूर करने में मेम्ब्रेन अनुसंधान तथा विकास कार्य के लिये देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।

अपक्षारीकरण तथा जल शुद्धिकरण के लिये हमारी मेम्ब्रेनप्रौद्योंगिकियाँ

संघटित पतली फिल्म प्रतिवर्ती रसाकर्षण मेम्ब्रेन  (टीएफसी)

प्रौद्योगिकी की प्रमुख विशेषताएं

  • नमकीन जल तथा समुद्री जल के अपक्षारीकरण के लिये योग्य पोलीएमाइड पतली संघटित फिल्म प्रतिवर्ती रसाकर्षण मेम्ब्रेन बनाने के लिये विकसित तकनीकी जानकारी
  • उच्च उत्पादित जल की प्राप्ति तथा प्रतिदूषण आवरणयुक्त कम दूषणवाली मेम्ब्रेन
  • लवणता (94-96%) तथा सख्ताई, फ्लोराइड, नाइट्राइट आर्सेनिक जैसे नुकशानकारक संक्रामकों को दूर करना
  • समुद्रीजल (30000-40000 पीपीएम लवणता) तथा नमकीन जल (7000 पीपीएम तक लवणता) में से < 500 पीपीएम टीडीएसवाले पीने योग्य पानी की प्राप्ति

फ्लेटशीट अतिसूक्ष्म निस्यंदन मेम्ब्रेन

प्रौद्योगिकी की प्रमुख विशेषताएं

  • देशज कच्चे पदार्थो का उपयोग करके 75-90 KDa कट ऑफ वेल्यु युक्त (1 M चौडी x 100 M लंबी) फ्लेटशीट अतिसूक्ष्म निस्यंदन मेम्ब्रेन बनाने के लिये विकसित तकनीकी जानकारी
  • जल शुद्धिकरण के लिये निमज्जनीय अतिसूक्ष्म निस्यंदन (युएफ) मेम्ब्रेन प्रणाली विकसित की गई है।
  • कम दूषित होनेवाली तथा टिकाउ मेम्ब्रेन
  • पेयजल में से नुकशानकारक पेथोगन, टरबीडीटी तथा कोलोयडल हटाना
  • अति निम्न दाब (< 25 पीएसआई) पर परिचालित किया जा सकता है।
  • कम ऊर्जा आवश्यकता पर अति उच्च प्राप्ति (90% तक)  सरल सफाई एवं निर्वाह
होलो फाइबर अतिसूक्ष्म निस्यंदन मेम्ब्रेन

प्रौद्योगिकी की प्रमुख विशेषताएं

  • लगभग 90 KDa कट ऑफ वेल्यु युक्त होलो फाइबर युएफ मेम्ब्रेन बनाने की तकनीकी जानकारी विकसित की गई है।
  • विभिन्न कदवाली होलोफाइबर कार्टिज बनाने की तकनीकी जानकारी विकसित की गई है।
  • पेयजल में से नुकशानकारक पेथेगोन्स तथा टरबीडीटी और कोलायडल जैसे प्रदूषक दूर करती है।
  • विशेष बाह्य दाब के बिना अथवा निम्न दाब (< 20 पीएसआई) पर परिचालित होती है।
  • कम ऊर्जा की आवश्यकता
  • कम प्रदूषण तथा टिकाउ मेम्ब्रेन
  • घरेलू से लेकर विस्तृत कदवाले प्लान्ट के लिये विभिन्न कद की कार्टिज़ बनाते हैं।  
  • सीधे नल में से ही शुद्ध जल प्राप्त हो वैसे संयंत्र के रुप में प्रयुक्त किया जा सकता है।
सर्पिल आकार के मोडयुल का विकास

प्रौद्योगिकी की प्रमुख विशेषताएं

  • अपक्षारीकरण तथा जल शुद्धिकरण के लिये विभिन्न कदवाले (2, 4 तथा 8 व्यास X 40 लंबाईवाले तथा घरेलू उपयोग के लिये) सर्पिल मोडयुल्स बनाने में निपुणता प्राप्त की है।
नमकीन जल तथा समुद्रीजल अपक्षारीकरण प्लान्ट

प्रौद्योगिकी की प्रमुख विशेषताएं

  • भारत में (40 प्लान्ट) तथा विदेश में (7 प्लान्ट : केन्या में 1 समुद्री जल के लिये तथा अफघानीस्तान में 6 नमकीन जल के लिये) नमकीन जल तथा समुद्री जल (500-6000 ली/प्रतिदिन उत्पादित जल की क्षमतावाले) प्लान्ट बनाये गये तथा स्थापित किये गये।
  • पशुचालित तथा सौर चालित आरओ प्लान्ट जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत प्लान्ट जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत पर आधारित अपक्षारीकरण प्लान्ट की तकनीकी जानकारी विकसित करना।
  • आरओ प्लान्ट में संपूरित किये जानेवाले कच्चे जल के लिये पहले किसी भी प्रकार की रासायणिक प्रक्रिया नहीं की जाती।
  • आरओ द्बारा अति फ्लोराइडवाले अस्वीकृत निष्काषन के निपटान के लिये सरल प्रक्रिया।

I. सीएसएमसीआरआइ में विकसित की गई पतली संघटित फिल्म मेम्ब्रेन (टीएफसी)


समुद्रीजल तथा नमकीन जल के अपक्षारीकरण के लिये समग्र विश्व में प्रयुक्त की जानेवाली टीएफसी मेम्ब्रेन संपूर्ण रुप से विकसित मेम्ब्रेन है। CSMCRI ने निरंतर ढलाई एवं कोटींग मशीन के उपयोग द्बारा एक ही बेच में 1 मी चौडी x 100 मी लंबाईवाली पोलीएमाइड टीएफसी आरओ मेम्ब्रेन बनाने की प्रौद्योगिकी विकसित की है। टीएफसी मेम्ब्रेन नोनवुडन फेब्रीक (100-120 माइक्रोन्स), पोलीसल्फोन (3035 माइक्रोन्स) तथा पोलीएमाइड (150-200 नैनोमीटर्स) की तीन स्तरीय संघटित संरचना है। टीएफसी मेम्ब्रेन बनाने के दो चरण हैं।

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StageIMemचरण I : नोनवुवन वस्त्र पर, विलेयक ढलाई प्रक्रिया तथा प्रतिलोम अवस्था द्बारा पोलीसल्फोन स्तर करके 200 KDa मोलेक्युलर वेईट कट ऑफ वेल्युवाली मज़बूत पोलीसल्फोन अतिसूक्ष्म (युएफ) मेम्ब्रेन तैयार करना।

mem2चरण II अनुकूल परिस्थितियों में, ट्राइमीसोल क्लोराइड जैसे बहुकार्यक्षम एसीड क्लोराइड के साथ, M फीनाइलएनेडायामीन नामक बहुकार्यक्षम डायामीन के यथावत अंतराफलकीय संघनन के आधार पर पोलीसल्फोन अतिसूक्ष्म मेम्ब्रेन पर 150-200 mm स्थूलतावाला पोलीएमाइड स्तर बनाना। 



सर्पिल टीएफसी मेम्ब्रेन मोडयुल का नमकीन जल, समुद्री जल अपक्षारीकरण और उच्छिष्ट जल उपचार के लिये भी फील्ड में विस्तृत परीक्षण किया गया है।

Membrane2membrane
टीएफसी मेम्ब्रेन तथा स्पाइरल मॉडयुल

टीएफसी आरओ मेम्ब्रेन बनाने की प्रौद्योगिकी के इच्छुक पार्टियों को लायसन्स दिया जा सकता है।


II.     सूक्ष्म निस्यंदन मेम्ब्रेन का विकास

पेयजल में से नुकशानकारक पेथेगोन्स, ससपेन्डेड सोलीड तथा कोलोडीयल सामग्रियाँ दूर करने के लिये सूक्ष्म निस्यंदन (युएफ) मेम्ब्रेन उपयोगी है।

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फ्लेट शीट अल्ट्रा फिल्ट्रेशन मेम्ब्रेन

hollow fiberCSMCRI ने माइक्रोप्रोसेसर नियंत्रित यांत्रिक ढलाइ मशीन का उपयोग करके, पोलीसल्फोन, पोलीइथरसल्फोन और पोलीएकरीलोनाइट्रील आधारित प्रदूषण विरोधी, विभिन्न मोलेक्युलर वेइट कट ऑफ वेल्यू (20, 50, 90, 150 KDa) युक फ्लेट शीट सूक्ष्म निस्यंदन मेम्ब्रेन विकसित की है। इस प्रक्रिया में, नोनवुडन वस्त्र पर इच्छित पोलीमर विलायक का सतत आवरण तथा प्रभावी प्रतिलोम अवस्था शामिल है। परिणाम स्वरुप नोनवुवन वस्त्र पर 30-35 माइक्रोन की स्थूलतावाला पोलीमर स्तर बनता है और मज़बूत युएफ मेम्ब्रेन तैयार होती है। इस मेम्ब्रेन की कट ऑफ वेल्यु पोलीमर संयोजन तथा मेम्ब्रेन ढलाई की अन्य परिस्थितियों पर आधारित होती है। विभिन्न मोलेक्युलर वेइटवाले पोलीमर तथा साइज़ एक्सलुजन क्रोमेटोग्राफी द्बारा उनकी अस्वीकृति क्षमता निर्धारित करने के लिये मेम्ब्रेन निर्माण की परिस्थितियाँ तथा कट ऑफ वेल्यु के बीच संबंध का विस्तृत अध्ययन किया गया।

होलो फाइबर (HF) अल्ट्राफिल्ट्रेशन मेम्ब्रेन का विकास

Hollow Fiber Rसंस्थान के 100 KDa के पोलीइथालीन ग्लायकोल के 90-95% अस्वीकृति के आधार पर लगभग 100 KDa कट ऑफ वेल्युवाली पोलीसल्फोन होलो फाइबर अल्ट्राफिल्ट्रेशन मेम्ब्रेन बनाने की प्रक्रिया विकसित की है। होलोफाइबर लगभग 1 mm (OD) तथा 0.6-0.7 mm की विशेषतावाले होते हैं। विभिन्न कदवाली होलो फाइबर कार्टिज बनाई गई और उनकी अस्वीकृति, पानी पारगम्यता, स्थिरता में कार्य प्रदर्शन के गुणधर्म विस्तृत रुप से निर्धारित किये गये। होलोफाइबर के मुख्य लाभ यह है कि इनका उपयोग बाह्य से अंदर अथवा अंदर से बाहर दोनों प्रकार से किया जा सकता है और इस तरह इनको सरलता से साफ किया जा सकता है जिससे जल्दी मलिन नहीं होती।



III.    नमकीन जल अपक्षारीकरण प्लान्ट

संस्थान द्बारा बनाई गई टीएफसी मेम्ब्रेन का उपयोग करके संस्थान ने देश के विभिन्न स्थलों पर 2000 से 7000 पीपीएमवाले नमकीन जल से 500-5000 लीटर/प्रतिघण्टा पेयजल उत्पादन करने की क्षमतावाले नमकीनजल अपक्षारीकरण प्लान्ट लगाये हैं। ये प्लान्ट 250-300 पीएसआइ दाब पर परिचालित होते हैं और 500 पीपीएम से भी कम टीडीएसवाला स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का उत्पादन करते हैं जो WHO द्बारा प्रमाणित पेयजल की विशेषता के समान है। इन युनिटों द्बारा पानी में स्थित हार्डनेस, फ्लोराइड, पेथोगोन्स, पेस्टीसाइड्‌स, ओर्गेनीक्स आदि को भी दूर किया जाता है।

हाल ही में संस्थान ने 2000 ली/घण्टा की क्षमतावाले 5 नमकीन जल आरओ अपक्षारीकरण प्लान्ट अफधानिस्तान में लगाये। इन प्लान्ट का खर्च नोरवेजीयन चर्च एइड द्बारा वहन किया गया। संस्थान ने आरओ प्लान्ट लगाने से पहले आरओ प्लान्ट के परिचालित तथा राख-रखाव संबंधी प्रशिक्षण दिया।


सीएसएमसीआरआइ द्वारा स्थापित नमकीन जल अपक्षारीकरण आरओ प्लान्ट प्रदर्शक

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अफधानिस्तान में नमकीन जल अपक्षारीकरण आरओ प्लान्ट – मई 2008


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नमकीन जल अपक्षारीकरण तथा फ्लोराइड विहीनीकरण

टीएफसी मेम्ब्रेन का उपयोग अति विशेष मात्रा में क्षार तथा फ्लोराइड युक्त जल में से सुरक्षित पेयजल के उत्पादन के लिये किया जा सकता है। हाल ही में संस्थान ने विशेष फ्लोराइडयुक्त नमकीन जल के अपक्षारीकरण के लिये समाकलित आरओ प्रणाली की प्रौद्योगिकी का लायसन्स टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड को दिया है तत्‌पश्चात आरओ द्बारा अस्वीकृत प्रवाही का निपटान करने से पहले उसमें से फ्लोराइड दूर करने के लिये रासायणिक शोधन किया जाता है। संस्थान ने, मोबाइल आरओ यूनिट बनाया है और आंध्रप्रदेश के नालगोंडा जिल्ले तथा गुजरात के अमरेली जिल्ले के विशेष फ्लोराइड युक्त जल के अपक्षारीकरण हेतु इसका उपयोग किया गया। निम्नलिखित सारणी में संपूरित एवं उत्पादित जल का विवरण, आरओ प्लान्ट की अपक्षारीकरण तथा फ्लोराइड विहीनीकरण की बहुउपयोगी क्षमता द्बारा सुरक्षित पेयजल उत्पादन कार्य दर्शाता है।

RO_PlantsRO Plant Installation

अमरेली, गुजरात में मोबाइल आरओ अपक्षारीकरण यूनिट

क्षार तथा फ्लोराइड दूर करने के लिये आरओ में संपूरित तथा उत्पादित जल का विश्लेषण


स्थल
आरओ में संपूरित जल आरओ द्बारा उत्पादित जल
टीडीएस (ppm) फ्लोराइड (ppm) टीडीएस (ppm) फ्लोराइड (ppm)
वेइलापल्ली 2500 6.5 500 0.88
गट्टुपल 670 4.5 75 0.44
येलामक्रना 4800 3.0 527 0.45
कालवाकुंतल 1875 4.0 241 0.53
बारमेर एयर फोर्स 4288 1.8 570 0.2
किसारी 3400 1.65 340 0.13

अपारंपरिक ऊर्जा द्बारा चालित आरओ अपक्षारीकरण प्लान्टस

कई गाँवो में बिजली की संपूति अनिश्चित और मर्यादित है। इस समस्या के निराकरण हेतु, सौर पावर, बैल, ऊँट द्बारा चालित आरओ प्लान्ट जैसे अपारंपरिक ऊर्जा स्त्रोतों का उपयोग महत्वपूर्ण है। ये यूनिट ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग के लिये थोडे मंहगे होने पर भी आकर्षक हैं। ये यूनिट कुदरती आफतों के समय भी उपयोगी हैं। CSMCRI ने बेरफूट कोलेज (तिलोनिया, राजस्थान) के सहयोग द्बारा सामाजिक स्तर पर प्रथम 700 ली/घण्टा की क्षमतावाला सौर ऊर्जा चालित नमकीन जल अपक्षारीकरण आर ओ प्लान्ट लगाया है। इस यूनिट के लिये विद्युतपावर 2.5 Kw सौर पेनल्स द्बारा उत्पादित किया जाता है। CSMCRI ने 3000-5000 पीपीएम क्षारवाले नमकीन जल में से 500-700 ली/घण्टा की उत्पादन जल की क्षमतावाले बैल चालित (पश्चिम बंगाल) तथा ऊँट चालित (राजस्थान) आरओ प्लान्ट भी स्थापित किये हैं।

RO_Green Tech.RO_Green Tech.

बायेँ – सीएसएमसीआरआइ द्वारा राजस्थान में स्थापित सौर शक्ति चालितआरओ अपक्षारीकरण यूनिट दायेँ – मच्छरंगा द्वीप, होशंगाबाद पश्चिम बंगाल में स्थापित बैल चालित आरओ अपक्षारीकरण यूनिट

 


IV    समुद्रीजल अपक्षारीकरण प्लान्ट

इस यूनिट द्बारा उच्च दाब पर (800-900 पीएसआइ) एक ही बार में अधिक क्षार अस्वीकृतिवाली मेम्ब्रेन का उपयोग करके समुद्रीजल का अपक्षारीकरण करके अधिक मात्रा में पेयजल उत्पादित किया जा सकता है। कम मात्रा में पेयजल उत्पादित करने के लिये, नमकीन जल अपक्षारीकरण मेम्ब्रेन (क्षार अस्वीकृति 90-95%) का उपयोग करके दो स्तर पर भी समुद्रीजल का अपक्षारीकरण किया जा सकता है जो तटीय क्षेत्रो पर स्थित कम आबादीवाले गाँवो के लिये विशेष उपयोगी है।

विशेष देखें>>

सन 2005-2006 में CSMCRI ने 1000 ली/घण्टा की क्षमतावाला दो स्तरीय समुद्रीजल अपक्षारीकरण प्लान्ट रामनाथपुरम जिल्ले के मुलीमनाई, नेलमदूर, करानकुडु तथा थीरुपल्लाइकुडी गाँवो में लगाये गये हैं। इन सभी प्लान्ट में, फिटकीरी से टरबीडीटी दूर करने के बाद 600 पीएसआइ दाब पर आरओ यूनिट द्बारा समुद्रीजल लेकर प्रथम स्तर पर 6000-8000 पीपीएम टीडीएसवाला और 35-40% उत्पादित जल प्राप्त किया गया। प्रथम स्तर पर उपचरित जल को दूसरे आरओ यूनिट में 300-400 पीएसआइ दाब पर लगभग 500 पीपीएम टीडीएसवाले पेयजल प्राप्ति हेतु पुनः उपचरित किया गया। दूसरे स्तर पर 40-50% आरओ द्बारा अस्वीकृत जल को प्रथम स्तर के संपूरित जल के साथ पुनःचक्रित किया गया। CSMCRI में प्रशिक्षित स्थानिक लोगों द्बारा इन आरओ प्लान्ट का परिचालन एवं रखरखाव किया जाता है। 2 वर्ष तक प्लान्ट की देखरेख करने के बाद अब ये स्थानिक प्राधिकारियों को सौंप दिये गये हैं। संस्थान उनकी आवश्यकतानुसार तकनीकी सहाय उपलब्ध कराता है।