वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद

CSIR

हमारी वर्तमान उपलब्धियाँ


1

हमारी यु एस पेटन्ट (7041268) पर आधारित 1,00,000 टीपीए सल्फेट ऑफ पोटाश के साथ मेग्नेश्यिम ओक्साइड के उत्पादन की क्षमतावाला प्लान्ट स्थापित करने के लिये अनुज्ञाधारी मेसर्स आर्चियन ग्रुप ओफ कम्पनीज, चैन्नई को हाल ही में 60,000 एकड़ जमीन वितरीत की गई है। इस कंपनी को दूसरे क्रम में 3,00,000 टीपीए उत्पादन के लिए अतिरिक्त 40,000 एकड़ जमीन वितरित करने का आश्वासन दिया गया है। पहले वितरित की गई जमीन पर तकनीकी जानकारी का निर्देशन दिया जा रहा है और प्रक्रिया के मुख्य घटक के बारे में ग्राहक को सफलतापूर्वक निर्दशन दिया गया है।

3000 टीपीए की क्षमतावाला यूनिट तत्काल स्थापित करने का प्रस्ताव है जिससे पूरे भारत में बडे पैमाने पर परीक्षण के लिये सल्फेट ऑफ पोटाश उपलब्ध कराया जा सके साथ ही बडे प्लान्ट के लिये विस्तृत अभियांत्रिकी के आधार रुप में कार्य कर सके। DST ने पोटाश मिशन अधीन राष्ट्रीय द्दष्टि से महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को सहाय करने में अपनी इच्छा प्रदर्शित की है तथा प्रस्ताव तैयार हो रहा है। तदुपरांत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रधानमंत्री के लिए पोटाश पर आर्थिक सहायता हेतु एक महत्वपूर्ण नोट तैयार की गई थी जिस पर अखबारों के रिपोर्ट में प्रस्ताव दिया था कि सरकार SOP पर की आर्थिक सहायता की समयावधि बढ़ाने के लिये सोच रही है।



2

CSMCRI ने बडे पैमाने पर जोजोबा बायोडीज़ल की संपूर्ण समाकलित प्रक्रिया के लिये DRDO को अनुज्ञा (लाइसन्स) दी है। यह एक शून्य बहिःस्त्राववाला प्लान्ट होगा जो इसके उच्छिष्टों को मूल्य में परिवर्तित करता है तथा EN14214 मानक युक्त बायोडीज़ल उत्पन्न करता है। प्लान्ट डिसेम्बर 2008 से प्रारंभ किया गया है। PCT के आंतरर्राष्ट्रीय पेटन्ट योग्यता पर प्राथमिक रिपोर्ट ने हमारी इस प्रक्रिया के प्रत्येक द्दष्टिकोण अर्थात्‌ नवीनता, आविष्कारशीलता तथा उपयोगिता से सभी 21 दावे को स्पष्ट किया है। अन्य उपलब्धियों में, CSMCRI कोलीस वान जो, एन्जीन में किसी भी प्रकार के परिवर्तन के बिना सिर्फ बायोडीज़ल पर चलती है, उसने 73,000 कीमी पूर्ण किये हैं तथा CSMCRI के जेट्रोफा बायोडीज़ल के लिये युरो IV नोर्मस प्राप्त करने के लिये जनरल मोटर्स के साथ संबंध स्थापित किया गया है। जेट्रोफा कृषि के पहलू को देखे तो, उडीसा में कटींग से उगाये गये उद्यान भी संतोषजनक है। हमने कुछ पौधों से 3 कीग्रा और उससे भी ज्यादा बीजउपज़ की वृद्धि पाई है, जिसका वजन (CP9 के लिये औसतन 0.8 ग्रा) और जिसमें तैल की मात्रा उत्कृष्ट (40 %) है। हमने सूक्ष्म प्रवर्धन प्रक्रिया में निपुणता प्राप्त की है और वृद्धि का अनुपात 3-4 से 6-8 बढ़ाया है। नेचर पत्रिका के अक्टूबर 2007 में जेट्रोफा पर प्रकाशित लेख में हमारे पथप्रदर्शक प्रयासों का उल्लेख किया गया है।


3
  • (a)        विभिन्न परिस्थितियों में अंदामान एवम्‌ निकोबार द्बिपसमूह में 9 आर ओ प्लान्ट सफलतापूर्वक शुरु किये गये। सभी क्षेत्रो में हमारे इस प्रयास की सराहना हुई है। (उदाहरण के तौर पर संलग्न पत्र देखिए।)
  • (b)       राजस्थान स्टेट माइ्रस तथा मिनरल्स की खानों में नमकीन लिग्नाइट खानजल को पेयजल में परिवर्तित करके कम से कम 65% प्राप्ति की जा सकती हैं । इस पर CSMCRI द्बारा सफल निदर्शन के अनुसरण में RSMML ने 20 MLD क्षमतावाले प्लान्ट का टेंडर ज़ारी किया है जिसका परामर्शकार्य CSMCRI को दिया गया है। RSMML द्बारा 20 MLD प्लान्ट लगाने के लिये DBOOTआधारपरआदेशज़ारीकियागयाहै।